परिवहन विभाग की लाचारी, जेब पर भारी ऑटो की सवारी

Posted By : Mahipal    Apr 24, 2018   

परिवहन विभाग की लाचारी, जेब पर भारी ऑटो की सवारी

सांचौर. शहर में घूमने वाले ऑटो रिक्शा चालकों की मनमानी शहरवासियों की जेब पर भारी पड़ रही है। जिस पर लगाम कसने को लेकर परिवहन व पुलिस विभाग लाचार नजर आ रहा है। शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में दौडऩे वाले अधिकांश ऑटो चालकों के पास ड्राइविंग लाईसेंस तक नहीं है। वहीं अधिकांश ऑटो ऐसे भी हैं जो बिना कागजों के ही चल रहे हैं।
चार रास्ता व मुख्य चौराहों पर रात में खड़े रहने वाले अधिकांश रिक्शा पर नंबर भी नहीं होते हैं। जो शहर की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं। मनमाना किराया वसूली को लेकर कई बार लोगों ने परिवहन विभाग व पुलिस प्रशासन को शिकायत भी की। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। अस्पताल या अन्य आवश्यक जगह पर जाने की मजबूरी में यात्रियों को भी मनमाना किराया देना पड़ रहा है।
नहीं हो रहा ठोस निर्णय
नगर सहित क्षेत्र में ऑटो रिक्शा चालकों की ओर से मनमाना किराया वसूली को लेकर सीएलजी की बैठक में भी कई बार मुद्दा उठाया गया, लेकिन इन बैठकों में परिवहन विभाग के अधिकारियों के नहीं आने से कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जा रहा है। ऐसे में शहरवासियों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।
कम दूरी के भी 50 से 100 रुपए
शहर में किसी भी जगह जाने के लिए किराया निर्धारित नहीं है। दूरी चाहे आधा किमी हो या एक किलोमीटर 30 रुपए से कम किराया लिया ही नहीं जाता। रात में आधा किमी जाने के लिए 100 से 150 रुपए तक यात्रियों से वसूले जा रहे हैं। ऐसे में इस पर अंकुश नहीं लगने हर बार कहासुनी की नौबत भी आ जाती है।
ना ड्रेस कोड ना कोई निर्देश
नगर में संचालित ओटो रिक्शा के चालकों के लिए ना तो कोई ड्रेस कोड निर्धारित है और ना ही कोई विशेष दिशा निर्देश। ऐसे में रात के समय सफर करने वाले यात्रियों के लिए यह जोखिम भरा भी साबित हो सकता है। ऐसे में परिवहन विभाग की उदासीता यात्रियों के लिए बड़ी मुसीबत पैदा कर
सकती है।

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